राजस्थान मुख्यमंत्री युवा उद्यम प्रोत्साहन योजना | MYUPY Scheme Rajasthan

Update — June 2025

The Rajasthan government has launched the Vishwakarma Yuva Udyami Protsahan Yojana (VYUPY) as the active successor to MYUPY. The new scheme doubles the maximum loan limit to ₹2 crore, raises the age limit to 45 years, and extends coverage to expansion and modernisation of existing units — not just new businesses. If you are looking to apply for a youth entrepreneurship loan in Rajasthan today, read our Complete guide to the VYUPY scheme.

Original Article

राजस्थान सरकार ने युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए एक बहुत ही अच्छी योजना की शुरुआत की है।  इस योजना का नाम है MYUPY Scheme | मुख्यमंत्री युवा उद्यम प्रोत्साहन योजना। इस योजना के मुख्य प्रावधान निम्न प्रकार से है। 

MYUPY Scheme की अवधि व बजट क्या होगा?

MYUPY Scheme 01-04-2023 से 31-03-2024 तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के लिए रु० 100 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। 

MYUPY Scheme में किस प्रकार के उद्यम स्थापित किये जा सकते हैं?

MYUPY Scheme में मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग एवं सर्विस सेक्टर के उद्यम स्थापित करने के लिए लोन उपलब्ध करवाया जायेगा। यह लोन बैंक एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा दिया जायेगा। 

MYUPY Scheme की पात्रता की क्या शर्तें है?

MYUPY Scheme के लिए निम्न  शर्तों की पालना जरुरी है। 

  • आवेदक आवश्यक रूप से राजस्थान का मूल निवासी हो। 
  • आवेदन तिथि पर आवेदक की आयु 18 वर्ष से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 
  • आवेदक न्यूनतम स्नातक स्तर तक शिक्षित हो। 
  • माइक्रो एवं स्माल इंडस्ट्री उद्यम को प्रधमिकता की जाएगी। 
  • यह योजना केवल नवीन उद्यम की स्थापना के लिए है। पुराने उद्यम के विस्तारीकरण एवं नवीनीकरण इसमें कवर नहीं है। 

MYUPY Scheme में लोन सम्बंधित क्या प्रावधान है?

MYUPY Scheme में टर्म लोन एवं वर्किंग कैपिटल लोन दोनों साथ में लेने पर ही लाभ मिलेगा।  मैन्युफैक्चरिंग एवं सर्विस सेक्टर के उद्यम में वर्किंग कैपिटल लोन अधिकतम कुल लोन के 40% तक ही ली जा सकती है। वर्किंग कैपिटल लोन में सी सी लिमिट एवं वर्किंग कैपिटल टर्म लोन (WCTL) ही ली जा सकती है। 

व्यापार उद्यम में वर्किंग कैपिटल लोन की अधिकतम सीमा कुल लोन के 75% तक है। बैंक एवं वित्तीय संस्थान अपने नियमानुसार लोन को  देने की कार्यवाही करेंगे। राज्य सरकार का इसमें कोई रोल नहीं होगा। 

MYUPY Scheme में न्यूनतम मार्जिन मनी कितनी है? 

MYUPY Scheme में न्यूनतम मार्जिन मनी प्रोजेक्ट कॉस्ट का 10% है।  प्रोजेक्ट कॉस्ट के अधिकतम 90% तक का ही लोन लिया जा सकता है। 

MYUPY Scheme में ब्याज सब्सिडी का क्या प्रावधान है?

MYUPY Scheme में ब्याज सब्सिडी निम्न प्रकार से दी जाएगी। 

रु० 25 लाख तक की लोन राशि पर – 8% ब्याज सब्सिडी 

रु० 25 लाख से अधिक एवं  रु० 1 करोड़  तक की लोन राशि पर – 6% ब्याज सब्सिडी 

ब्याज सब्सिडी अधिकतम 5 वर्ष के लिए दी जाएगी।  अगर बैंक लोन की अवधि 5 वर्ष से अधिक है तो ब्याज सब्सिडी केवल 5 वर्ष तक ही दी जाएगी। 

MYUPY Scheme में मार्जिन मनी पर सब्सिडी का क्या प्रावधान है?

मार्जिन मनी सब्सिडी इस योजना का मुख्य बिंदु है।  इस योजना में राज्य सरकार द्वारा निम्न मार्जिन मनी दी जाएगी। 

पुरुष आवेदक के लिए  – 10% (अधिकतम रु० 5 लाख )

महिला आवेदक के लिए – 15% (अधिकतम रु० 5 लाख )

यह मार्जिन मनी आवेदक को लोन देने वाले बैंक के पास एफडीआर के रूप में दी जाएगी।  अगर उद्यम 3 साल तक सुचारु रूप से चलता है और लोन का रेगुलर पेमेंट होता है तो यह राशि 3 साल बाद  आवेदक के लोन अकाउंट में एडजस्ट कर दी जायेगी। 

अगर आवेदक 3 साल तक उद्यम का संचालन नहीं करता है तो बैंक द्वारा  मार्जिन मनी सब्सिडी उद्योग विभाग को लौटा दी जाएगी। 

MYUPY Scheme में लोन पर कोलेटरल सिक्योरिटी का क्या प्रावधान है?

भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशानुसार रु० 10 लाख तक के लोन के लिए कोलेटेरल सिक्योरिटी नहीं ली जाएगी। 

MYUPY Scheme में लोन पर मोरेटोरियम पीरियड का क्या प्रावधान है?

MYUPY Scheme में अधिकतम 6 महीने का मोरेटोरियम पीरियड दिया जा सकता है। 

क्या MYUPY Scheme में परिवहन वाहन लिया जा सकता है? 

हाँ।  MYUPY Scheme में अधिकतम रु० 15 लाख तक की ऑन रोड कीमत का परिवहन वहां लिया जा सकता है। 

MYUPY Scheme में कौन कौन से उद्यम अपात्र है?

इस योजना में निम्न गतिविधिया अपात्र है। 

  • मांस, मदिरा एवं मादक पदार्थो का विनिर्माण एवं विक्रय। 
  • विस्फोटक पदार्थ 
  • परिवहन वाहन जिसकी ऑन रोड कीमत रु० 15 लाख से अधिक हो। 
  • पॉलीथिन एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक उत्पाद। 
  • कृषि एवं सम्बंधित गतिविधियां। 
  • माइनिंग 
  • रियल एस्टेट उद्यम 
  • एजुकेशनल संस्थान 

 

इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हमें संपर्क कर सकते है।     



Author: Amit Mundhra CA
Amit Mundhra, B.Com. (Hons.), FCA, DISA, Fellow Member of the Institute of Chartered Accountants of India with over 25 years of practice experience. Amit leads the tax advisory and NRI taxation practice at Karnani & Co., Chartered Accountants, Jaipur. For personalised advice on your specific situation please reach out to us.

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